अग्निपुराणम्/अध्यायः १४५

विकिस्रोतः तः
अत्र गम्यताम् : सञ्चरणम्, अन्वेषणम्
अग्निपुराणम्
  1. अध्यायः १
  2. अध्यायः २
  3. अध्यायः ३
  4. अध्यायः ४
  5. अध्यायः ५
  6. अध्यायः ६
  7. अध्यायः ७
  8. अध्यायः ८
  9. अध्यायः ९
  10. अध्यायः १०
  11. अध्यायः ११
  12. अध्यायः १२
  13. अध्यायः १३
  14. अध्यायः १४
  15. अध्यायः १५
  16. अध्यायः १६
  17. अध्यायः १७
  18. अध्यायः १८
  19. अध्यायः १९
  20. अध्यायः २०
  21. अध्यायः २१
  22. अध्यायः २२
  23. अध्यायः २३
  24. अध्यायः २४
  25. अध्यायः २५
  26. अध्यायः २६
  27. अध्यायः २७
  28. अध्यायः २८
  29. अध्यायः २९
  30. अध्यायः ३०
  31. अध्यायः ३१
  32. अध्यायः ३२
  33. अध्यायः ३३
  34. अध्यायः ३४
  35. अध्यायः ३५
  36. अध्यायः ३६
  37. अध्यायः ३७
  38. अध्यायः ३८
  39. अध्यायः ३९
  40. अध्यायः ४०
  41. अध्यायः ४१
  42. अध्यायः ४२
  43. अध्यायः ४३
  44. अध्यायः ४४
  45. अध्यायः ४५
  46. अध्यायः ४६
  47. अध्यायः ४७
  48. अध्यायः ४८
  49. अध्यायः ४९
  50. अध्यायः ५०
  51. अध्यायः ५१
  52. अध्यायः ५२
  53. अध्यायः ५३
  54. अध्यायः ५४
  55. अध्यायः ५५
  56. अध्यायः ५६
  57. अध्यायः ५७
  58. अध्यायः ५८
  59. अध्यायः ५९
  60. अध्यायः ६०
  61. अध्यायः ६१
  62. अध्यायः ६२
  63. अध्यायः ६३
  64. अध्यायः ६४
  65. अध्यायः ६५
  66. अध्यायः ६६
  67. अध्यायः ६७
  68. अध्यायः ६८
  69. अध्यायः ६९
  70. अध्यायः ७०
  71. अध्यायः ७१
  72. अध्यायः ७२
  73. अध्यायः ७३
  74. अध्यायः ७४
  75. अध्यायः ७५
  76. अध्यायः ७६
  77. अध्यायः ७७
  78. अध्यायः ७८
  79. अध्यायः ७९
  80. अध्यायः ८०
  81. अध्यायः ८१
  82. अध्यायः ८२
  83. अध्यायः ८३
  84. अध्यायः ८४
  85. अध्यायः ८५
  86. अध्यायः ८६
  87. अध्यायः ८७
  88. अध्यायः ८८
  89. अध्यायः ८९
  90. अध्यायः ९०
  91. अध्यायः ९१
  92. अध्यायः ९२
  93. अध्यायः ९३
  94. अध्यायः ९४
  95. अध्यायः ९५
  96. अध्यायः ९६
  97. अध्यायः ९७
  98. अध्यायः ९८
  99. अध्यायः ९९
  100. अध्यायः १००
  101. अध्यायः १०१
  102. अध्यायः १०२
  103. अध्यायः १०३
  104. अध्यायः १०४
  105. अध्यायः १०५
  106. अध्यायः १०६
  107. अध्यायः १०७
  108. अध्यायः १०८
  109. अध्यायः १०९
  110. अध्यायः ११०
  111. अध्यायः १११
  112. अध्यायः ११२
  113. अध्यायः ११३
  114. अध्यायः ११४
  115. अध्यायः ११५
  116. अध्यायः ११६
  117. अध्यायः ११७
  118. अध्यायः ११८
  119. अध्यायः ११९
  120. अध्यायः १२०
  121. अध्यायः १२१
  122. अध्यायः १२२
  123. अध्यायः १२३
  124. अध्यायः १२४
  125. अध्यायः १२५
  126. अध्यायः १२६
  127. अध्यायः १२७
  128. अध्यायः १२८
  129. अध्यायः १२९
  130. अध्यायः १३०
  131. अध्यायः १३१
  132. अध्यायः १३२
  133. अध्यायः १३३
  134. अध्यायः १३४
  135. अध्यायः १३५
  136. अध्यायः १३६
  137. अध्यायः १३७
  138. अध्यायः १३८
  139. अध्यायः १३९
  140. अध्यायः १४०
  141. अध्यायः १४१
  142. अध्यायः १४२
  143. अध्यायः १४३
  144. अध्यायः १४४
  145. अध्यायः १४५
  146. अध्यायः १४६
  147. अध्यायः १४७
  148. अध्यायः १४८
  149. अध्यायः १४९
  150. अध्यायः १५०
  151. अध्यायः १५१
  152. अध्यायः १५२
  153. अध्यायः १५३
  154. अध्यायः १५४
  155. अध्यायः १५५
  156. अध्यायः १५६
  157. अध्यायः १५७
  158. अध्यायः १५८
  159. अध्यायः १५९
  160. अध्यायः १६०
  161. अध्यायः १६१
  162. अध्यायः १६२
  163. अध्यायः १६३
  164. अध्यायः १६४
  165. अध्यायः १६५
  166. अध्यायः १६६
  167. अध्यायः १६७
  168. अध्यायः १६८
  169. अध्यायः १६९
  170. अध्यायः १७०
  171. अध्यायः १७१
  172. अध्यायः १७२
  173. अध्यायः १७३
  174. अध्यायः १७४
  175. अध्यायः १७५
  176. अध्यायः १७६
  177. अध्यायः १७७
  178. अध्यायः १७८
  179. अध्यायः १७९
  180. अध्यायः १८०
  181. अध्यायः १८१
  182. अध्यायः १८२
  183. अध्यायः १८३
  184. अध्यायः १८४
  185. अध्यायः १८५
  186. अध्यायः १८६
  187. अध्यायः १८७
  188. अध्यायः १८८
  189. अध्यायः १८९
  190. अध्यायः १९०
  191. अध्यायः १९१
  192. अध्यायः १९२
  193. अध्यायः १९३
  194. अध्यायः १९४
  195. अध्यायः १९५
  196. अध्यायः १९६
  197. अध्यायः १९७
  198. अध्यायः १९८
  199. अध्यायः १९९
  200. अध्यायः २००
  201. अध्यायः २०१
  202. अध्यायः २०२
  203. अध्यायः २०३
  204. अध्यायः २०४
  205. अध्यायः २०५
  206. अध्यायः २०६
  207. अध्यायः २०७
  208. अध्यायः २०८
  209. अध्यायः २०९
  210. अध्यायः २१०
  211. अध्यायः २११
  212. अध्यायः २१२
  213. अध्यायः २१३
  214. अध्यायः २१४
  215. अध्यायः २१५
  216. अध्यायः २१६
  217. अध्यायः २१७
  218. अध्यायः २१८
  219. अध्यायः २१९
  220. अध्यायः २२०
  221. अध्यायः २२१
  222. अध्यायः २२२
  223. अध्यायः २२३
  224. अध्यायः २२४
  225. अध्यायः २२५
  226. अध्यायः २२६
  227. अध्यायः २२७
  228. अध्यायः २२८
  229. अध्यायः २२९
  230. अध्यायः २३०
  231. अध्यायः २३१
  232. अध्यायः २३२
  233. अध्यायः २३३
  234. अध्यायः २३४
  235. अध्यायः २३५
  236. अध्यायः २३६
  237. अध्यायः २३७
  238. अध्यायः २३८
  239. अध्यायः २३९
  240. अध्यायः २४०
  241. अध्यायः २४१
  242. अध्यायः २४२
  243. अध्यायः २४३
  244. अध्यायः २४४
  245. अध्यायः २४५
  246. अध्यायः २४६
  247. अध्यायः २४७
  248. अध्यायः २४८
  249. अध्यायः २४९
  250. अध्यायः २५०
  251. अध्यायः २५१
  252. अध्यायः २५२
  253. अध्यायः २५३
  254. अध्यायः २५४
  255. अध्यायः २५५
  256. अध्यायः २५६
  257. अध्यायः २५७
  258. अध्यायः २५८
  259. अध्यायः २५९
  260. अध्यायः २६०
  261. अध्यायः २६१
  262. अध्यायः २६२
  263. अध्यायः २६३
  264. अध्यायः २६४
  265. अध्यायः २६५
  266. अध्यायः २६६
  267. अध्यायः २६७
  268. अध्यायः २६८
  269. अध्यायः २६९
  270. अध्यायः २७०
  271. अध्यायः २७१
  272. अध्यायः २७२
  273. अध्यायः २७३
  274. अध्यायः २७४
  275. अध्यायः २७५
  276. अध्यायः २७६
  277. अध्यायः २७७
  278. अध्यायः २७८
  279. अध्यायः २७९
  280. अध्यायः २८०
  281. अध्यायः २८१
  282. अध्यायः २८२
  283. अध्यायः २८३
  284. अध्यायः २८४
  285. अध्यायः २८५
  286. अध्यायः २८६
  287. अध्यायः २८७
  288. अध्यायः २८८
  289. अध्यायः २८९
  290. अध्यायः २९०
  291. अध्यायः २९१
  292. अध्यायः २९२
  293. अध्यायः २९३
  294. अध्यायः २९४
  295. अध्यायः २९५
  296. अध्यायः २९६
  297. अध्यायः २९७
  298. अध्यायः २९८
  299. अध्यायः २९९
  300. अध्यायः ३००
  301. अध्यायः ३०१
  302. अध्यायः ३०२
  303. अध्यायः ३०३
  304. अध्यायः ३०४
  305. अध्यायः ३०५
  306. अध्यायः ३०६
  307. अध्यायः ३०७
  308. अध्यायः ३०८
  309. अध्यायः ३०९
  310. अध्यायः ३१०
  311. अध्यायः ३११
  312. अध्यायः ३१२
  313. अध्यायः ३१३
  314. अध्यायः ३१४
  315. अध्यायः ३१५
  316. अध्यायः ३१६
  317. अध्यायः ३१७
  318. अध्यायः ३१८
  319. अध्यायः ३१९
  320. अध्यायः ३२०
  321. अध्यायः ३२१
  322. अध्यायः ३२२
  323. अध्यायः ३२३
  324. अध्यायः ३२४
  325. अध्यायः ३२५
  326. अध्यायः ३२६
  327. अध्यायः ३२७
  328. अध्यायः ३२८
  329. अध्यायः ३२९
  330. अध्यायः ३३०
  331. अध्यायः ३३१
  332. अध्यायः ३३२
  333. अध्यायः ३३३
  334. अध्यायः ३३४
  335. अध्यायः ३३५
  336. अध्यायः ३३६
  337. अध्यायः ३३७
  338. अध्यायः ३३८
  339. अध्यायः ३३९
  340. अध्यायः ३४०
  341. अध्यायः ३४१
  342. अध्यायः ३४२
  343. अध्यायः ३४३
  344. अध्यायः ३४४
  345. अध्यायः ३४५
  346. अध्यायः ३४६
  347. अध्यायः ३४७
  348. अध्यायः ३४८
  349. अध्यायः ३४९
  350. अध्यायः ३५०
  351. अध्यायः ३५१
  352. अध्यायः ३५२
  353. अध्यायः ३५३
  354. अध्यायः ३५४
  355. अध्यायः ३५५
  356. अध्यायः ३५६
  357. अध्यायः ३५७
  358. अध्यायः ३५८
  359. अध्यायः ३५९
  360. अध्यायः ३६०
  361. अध्यायः ३६१
  362. अध्यायः ३६२
  363. अध्यायः ३६३
  364. अध्यायः ३६४
  365. अध्यायः ३६५
  366. अध्यायः ३६६
  367. अध्यायः ३६७
  368. अध्यायः ३६८
  369. अध्यायः ३६९
  370. अध्यायः ३७०
  371. अध्यायः ३७१
  372. अध्यायः ३७२
  373. अध्यायः ३७३
  374. अध्यायः ३७४
  375. अध्यायः ३७५
  376. अध्यायः ३७६
  377. अध्यायः ३७७
  378. अध्यायः ३७८
  379. अध्यायः ३७९
  380. अध्यायः ३८०
  381. अध्यायः ३८१
  382. अध्यायः ३८२
  383. अध्यायः ३८३

मालिनीनानामन्त्राः

ईश्वर उवाच
नानामन्त्रान् प्रवक्ष्यामि षोढान्यासपुरःसरम् ।१४५.००१
न्यासस्त्रिधा तु षोढा स्युः शाक्तशाम्भवयामलाः ॥१४५.००१
शाम्भवे शब्दराशिः षट्षोडशग्रन्थिरूपवान्(१) ।१४५.००२
त्रिविद्या तद्ग्रहो न्यासस्त्रितत्त्वात्माभिधानकः ॥१४५.००२
चतुर्थो वनमालायाः श्लोकद्वादशरूपवान् ।१४५.००३
पञ्चमो रत्नपञ्चात्मा नवात्मा षष्ठ ईरितः ॥१४५.००३
शाक्ते पक्षे च मालिन्यास्त्रिविद्यात्मा द्वितीयकः ।१४५.००४
टिप्पणी
१ षोडशप्रतिरूपवानिति झ..

अधोर्यष्टकरूपोऽन्यो द्वादशाङ्गश्चतुर्थकः ।१४५.००४
पञ्चमस्तु षडङ्गः स्याच्छक्तिश्चान्यास्त्रचण्डिका(१) ।१४५.००५
क्रीं ह्रौं क्लीं श्रीं क्रूं फट्त्रयं स्यात्तुर्याख्यं सर्वसाधकं(२) ॥१४५.००५
मालिन्या नादिकान्तं स्यात्नादिनी च शिखा स्मृता ।१४५.००६
अग्रसेनी(३) शिरसि स्यात्शिरोमालानिवृत्तिः शः ॥१४५.००६
ट शान्तिश्च शिरो भूयाच्चामुण्डा च त्रिनेत्रगा ।१४५.००७
ढ प्रियदृष्टिर्द्विनेत्रे च नासागा गुह्यशक्तिनी ॥१४५.००७
न नारायणी द्विकर्णे च दक्षकर्णे त मोहनौ ।१४५.००८
ज प्रज्ञा वामकर्नस्था वक्त्रे च वज्रिणी स्मृता ॥१४५.००८
क कराली दक्षदंष्ट्रा वामांसा ख कपालिनी ।१४५.००९
ग शिवा ऊर्ध्वदंष्ट्रा स्याद्घ घोरा वामदंष्ट्रिका ॥१४५.००९
उ शिखा दन्तविन्यासा ई माया जिह्वया स्मृता ।१४५.०१०
अ स्यान्नागेश्वरी वाचि व कण्ठे शिखिवाहिनी ॥१४५.०१०
भ भीषणी दक्षस्कन्धे वायुवेगा म वामके ।१४५.०११
डनामा दक्षबाहौ तु ढ वामे च विनायका ॥१४५.०११
प पूर्णिमा द्विहस्ते तु ओकाराद्यङ्गुलीयके ।१४५.०१२
अं दर्शनी वामाङ्गुल्य अः स्यात्सञ्जीवनी करे ॥१४५.०१२
ट कपालिनी कपालं शूलदण्डे त दीपनी ।१४५.०१३
त्रिशूले ज जयन्ती स्याद्वृद्धिर्यः साधनी(४) स्मृता ॥१४५.०१३
टिप्पणी
१ शक्तिः स्याद्या विवर्णिका इति ज.. । शक्तिश्चान्या त्रिखण्डिकेति ञ..
२ फटत्रयं स्यात्तर्युद्धे सर्वसाद्धकमिति ख.. , छ.. च
३ खश्वसनीति ख.. , छ.. च
४ पावनीति ज.. , ञ.. च

जीवे श परमाख्या स्याध प्राणे चाम्बिका स्मृता ।१४५.०१४
दक्षस्तने छ शरीरा न वामे पूतना स्तने ॥१४५.०१४
अ स्तनक्षीरा आ मोटो लम्बोदर्युदरे च थ ।१४५.०१५
नाभौ संहारिका क्ष स्यान्महाकाली नितम्बम ॥१४५.०१५
गुह्ये स कुसुममाला ष शुक्रे शुक्रदेविका ।१४५.०१६
उरुद्वये त तारास्याह ज्ञाना दक्षजानुनि ॥१४५.०१६
वामे स्यादौ क्रियाशक्तिरो गायत्री च जङ्घगा ।१४५.०१७
ओ सावित्री वामजङ्घा दक्षे दो दोहनी पदे ॥१४५.०१७
फ फेत्कारी वामपादे नवात्मा मालिनी मनुः ।१४५.०१८
अ श्रीकण्ठः शिखायां स्यादावक्त्रे स्यादनन्तकः ॥१४५.०१८
इ सूक्ष्मो दक्षनेत्रे स्यादी त्रिमूर्तिस्तु वामके ।१४५.०१९
उ दक्षकर्णेऽमरौश ऊ कर्णेर्घांशकोऽपरे ॥१४५.०१९
ऋ भाषभूतिर्नासाग्रे वामनासा तिथीश ऋ ।१४५.०२०
ळ स्थाणुर्दक्षगण्डे स्याद्वामगण्डे हरश्च ॡ ॥१४५.०२०
कटीशो दन्तपङ्क्तावे भूतीशश्चोर्ध्वदन्त ऐ ।१४५.०२१
सद्योजात ओ अधरे ऊर्ध्वौष्ठेऽनुग्रहीश औ ॥१४५.०२१
अं क्रूरो घाटकायां स्यादः महासेनजिह्वया ।१४५.०२२
क क्रोधीशो दक्षस्कन्धे खश्चण्डीशश्च बाहुषु ॥१४५.०२२
पञ्चान्तकः कूर्परे गो घ शिखी दक्षकङ्गणे ।१४५.०२३
ङ एकपादश्चाङ्गुल्यो तामस्कन्धे च कूर्मकः ॥१४५.०२३
छ एकनेत्रो बाहौ स्याच्चतुर्वक्त्रो ज कूर्परे ।१४५.०२४
झ राजसः कङ्कणगः ञः सर्वकामदोऽङ्गुली ॥१४५.०२४
ट स्प्मेशो नितम्बे स्याद्दक्ष ऊरुर्ठ लाङ्गली ।१४५.०२५
ड दारुको दक्षजानौ जङ्घा ढोऽर्धजलेश्वरः ॥१४५.०२५
ण उमाकान्तकोऽङ्गुल्यस्त आषाढो नितम्बके ।१४५.०२६
थ दण्डी वाम ऊरौ स्याद्द भिदो वामजानुनि ॥१४५.०२६
ध मीनो वामजङ्घायान्न मेषश्चरणाङ्गुली ।१४५.०२७
प लोहितो दक्षकुक्षौ फ शिखी वामकुक्षिगः ॥१४५.०२७
ब गलण्डः पृष्ठवंशे भो नाभौ च द्विरण्डकः ।१४५.०२८
म महाकालो हृदये य वाणीशस्त्वविस्मृतः(१) ॥१४५.०२८
र रक्ते स्याद्भुजङ्गे शो ल पिनाकी च मांसके ।१४५.०२९
व खड्गीशः स्वात्मनि स्याद्वकश्चाथिनि शः स्मृतः ॥१४५.०२९
ष श्वेतश्चैव मज्जायां स भृगुः शुक्रधातुके ।१४५.०३०
प्राणे हो नकुलीशः स्यात्क्ष संवर्तश्च कोषगः ॥१४५.०३०
रुद्रशक्तीः प्रपूज्य ह्रींवीजेनाखिलमाप्नुयात् ॥३१॥१४५.०३१

इत्याग्नेये महापुराणे मालिनीमन्त्रादिन्यासो नाम पञ्चचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्यायः ॥
टिप्पणी
१ य वाणीशस्तु विस्तृत इति ञ..