अग्निपुराणम्/अध्यायः १४४

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अग्निपुराणम्
  1. अध्यायः १
  2. अध्यायः २
  3. अध्यायः ३
  4. अध्यायः ४
  5. अध्यायः ५
  6. अध्यायः ६
  7. अध्यायः ७
  8. अध्यायः ८
  9. अध्यायः ९
  10. अध्यायः १०
  11. अध्यायः ११
  12. अध्यायः १२
  13. अध्यायः १३
  14. अध्यायः १४
  15. अध्यायः १५
  16. अध्यायः १६
  17. अध्यायः १७
  18. अध्यायः १८
  19. अध्यायः १९
  20. अध्यायः २०
  21. अध्यायः २१
  22. अध्यायः २२
  23. अध्यायः २३
  24. अध्यायः २४
  25. अध्यायः २५
  26. अध्यायः २६
  27. अध्यायः २७
  28. अध्यायः २८
  29. अध्यायः २९
  30. अध्यायः ३०
  31. अध्यायः ३१
  32. अध्यायः ३२
  33. अध्यायः ३३
  34. अध्यायः ३४
  35. अध्यायः ३५
  36. अध्यायः ३६
  37. अध्यायः ३७
  38. अध्यायः ३८
  39. अध्यायः ३९
  40. अध्यायः ४०
  41. अध्यायः ४१
  42. अध्यायः ४२
  43. अध्यायः ४३
  44. अध्यायः ४४
  45. अध्यायः ४५
  46. अध्यायः ४६
  47. अध्यायः ४७
  48. अध्यायः ४८
  49. अध्यायः ४९
  50. अध्यायः ५०
  51. अध्यायः ५१
  52. अध्यायः ५२
  53. अध्यायः ५३
  54. अध्यायः ५४
  55. अध्यायः ५५
  56. अध्यायः ५६
  57. अध्यायः ५७
  58. अध्यायः ५८
  59. अध्यायः ५९
  60. अध्यायः ६०
  61. अध्यायः ६१
  62. अध्यायः ६२
  63. अध्यायः ६३
  64. अध्यायः ६४
  65. अध्यायः ६५
  66. अध्यायः ६६
  67. अध्यायः ६७
  68. अध्यायः ६८
  69. अध्यायः ६९
  70. अध्यायः ७०
  71. अध्यायः ७१
  72. अध्यायः ७२
  73. अध्यायः ७३
  74. अध्यायः ७४
  75. अध्यायः ७५
  76. अध्यायः ७६
  77. अध्यायः ७७
  78. अध्यायः ७८
  79. अध्यायः ७९
  80. अध्यायः ८०
  81. अध्यायः ८१
  82. अध्यायः ८२
  83. अध्यायः ८३
  84. अध्यायः ८४
  85. अध्यायः ८५
  86. अध्यायः ८६
  87. अध्यायः ८७
  88. अध्यायः ८८
  89. अध्यायः ८९
  90. अध्यायः ९०
  91. अध्यायः ९१
  92. अध्यायः ९२
  93. अध्यायः ९३
  94. अध्यायः ९४
  95. अध्यायः ९५
  96. अध्यायः ९६
  97. अध्यायः ९७
  98. अध्यायः ९८
  99. अध्यायः ९९
  100. अध्यायः १००
  101. अध्यायः १०१
  102. अध्यायः १०२
  103. अध्यायः १०३
  104. अध्यायः १०४
  105. अध्यायः १०५
  106. अध्यायः १०६
  107. अध्यायः १०७
  108. अध्यायः १०८
  109. अध्यायः १०९
  110. अध्यायः ११०
  111. अध्यायः १११
  112. अध्यायः ११२
  113. अध्यायः ११३
  114. अध्यायः ११४
  115. अध्यायः ११५
  116. अध्यायः ११६
  117. अध्यायः ११७
  118. अध्यायः ११८
  119. अध्यायः ११९
  120. अध्यायः १२०
  121. अध्यायः १२१
  122. अध्यायः १२२
  123. अध्यायः १२३
  124. अध्यायः १२४
  125. अध्यायः १२५
  126. अध्यायः १२६
  127. अध्यायः १२७
  128. अध्यायः १२८
  129. अध्यायः १२९
  130. अध्यायः १३०
  131. अध्यायः १३१
  132. अध्यायः १३२
  133. अध्यायः १३३
  134. अध्यायः १३४
  135. अध्यायः १३५
  136. अध्यायः १३६
  137. अध्यायः १३७
  138. अध्यायः १३८
  139. अध्यायः १३९
  140. अध्यायः १४०
  141. अध्यायः १४१
  142. अध्यायः १४२
  143. अध्यायः १४३
  144. अध्यायः १४४
  145. अध्यायः १४५
  146. अध्यायः १४६
  147. अध्यायः १४७
  148. अध्यायः १४८
  149. अध्यायः १४९
  150. अध्यायः १५०
  151. अध्यायः १५१
  152. अध्यायः १५२
  153. अध्यायः १५३
  154. अध्यायः १५४
  155. अध्यायः १५५
  156. अध्यायः १५६
  157. अध्यायः १५७
  158. अध्यायः १५८
  159. अध्यायः १५९
  160. अध्यायः १६०
  161. अध्यायः १६१
  162. अध्यायः १६२
  163. अध्यायः १६३
  164. अध्यायः १६४
  165. अध्यायः १६५
  166. अध्यायः १६६
  167. अध्यायः १६७
  168. अध्यायः १६८
  169. अध्यायः १६९
  170. अध्यायः १७०
  171. अध्यायः १७१
  172. अध्यायः १७२
  173. अध्यायः १७३
  174. अध्यायः १७४
  175. अध्यायः १७५
  176. अध्यायः १७६
  177. अध्यायः १७७
  178. अध्यायः १७८
  179. अध्यायः १७९
  180. अध्यायः १८०
  181. अध्यायः १८१
  182. अध्यायः १८२
  183. अध्यायः १८३
  184. अध्यायः १८४
  185. अध्यायः १८५
  186. अध्यायः १८६
  187. अध्यायः १८७
  188. अध्यायः १८८
  189. अध्यायः १८९
  190. अध्यायः १९०
  191. अध्यायः १९१
  192. अध्यायः १९२
  193. अध्यायः १९३
  194. अध्यायः १९४
  195. अध्यायः १९५
  196. अध्यायः १९६
  197. अध्यायः १९७
  198. अध्यायः १९८
  199. अध्यायः १९९
  200. अध्यायः २००
  201. अध्यायः २०१
  202. अध्यायः २०२
  203. अध्यायः २०३
  204. अध्यायः २०४
  205. अध्यायः २०५
  206. अध्यायः २०६
  207. अध्यायः २०७
  208. अध्यायः २०८
  209. अध्यायः २०९
  210. अध्यायः २१०
  211. अध्यायः २११
  212. अध्यायः २१२
  213. अध्यायः २१३
  214. अध्यायः २१४
  215. अध्यायः २१५
  216. अध्यायः २१६
  217. अध्यायः २१७
  218. अध्यायः २१८
  219. अध्यायः २१९
  220. अध्यायः २२०
  221. अध्यायः २२१
  222. अध्यायः २२२
  223. अध्यायः २२३
  224. अध्यायः २२४
  225. अध्यायः २२५
  226. अध्यायः २२६
  227. अध्यायः २२७
  228. अध्यायः २२८
  229. अध्यायः २२९
  230. अध्यायः २३०
  231. अध्यायः २३१
  232. अध्यायः २३२
  233. अध्यायः २३३
  234. अध्यायः २३४
  235. अध्यायः २३५
  236. अध्यायः २३६
  237. अध्यायः २३७
  238. अध्यायः २३८
  239. अध्यायः २३९
  240. अध्यायः २४०
  241. अध्यायः २४१
  242. अध्यायः २४२
  243. अध्यायः २४३
  244. अध्यायः २४४
  245. अध्यायः २४५
  246. अध्यायः २४६
  247. अध्यायः २४७
  248. अध्यायः २४८
  249. अध्यायः २४९
  250. अध्यायः २५०
  251. अध्यायः २५१
  252. अध्यायः २५२
  253. अध्यायः २५३
  254. अध्यायः २५४
  255. अध्यायः २५५
  256. अध्यायः २५६
  257. अध्यायः २५७
  258. अध्यायः २५८
  259. अध्यायः २५९
  260. अध्यायः २६०
  261. अध्यायः २६१
  262. अध्यायः २६२
  263. अध्यायः २६३
  264. अध्यायः २६४
  265. अध्यायः २६५
  266. अध्यायः २६६
  267. अध्यायः २६७
  268. अध्यायः २६८
  269. अध्यायः २६९
  270. अध्यायः २७०
  271. अध्यायः २७१
  272. अध्यायः २७२
  273. अध्यायः २७३
  274. अध्यायः २७४
  275. अध्यायः २७५
  276. अध्यायः २७६
  277. अध्यायः २७७
  278. अध्यायः २७८
  279. अध्यायः २७९
  280. अध्यायः २८०
  281. अध्यायः २८१
  282. अध्यायः २८२
  283. अध्यायः २८३
  284. अध्यायः २८४
  285. अध्यायः २८५
  286. अध्यायः २८६
  287. अध्यायः २८७
  288. अध्यायः २८८
  289. अध्यायः २८९
  290. अध्यायः २९०
  291. अध्यायः २९१
  292. अध्यायः २९२
  293. अध्यायः २९३
  294. अध्यायः २९४
  295. अध्यायः २९५
  296. अध्यायः २९६
  297. अध्यायः २९७
  298. अध्यायः २९८
  299. अध्यायः २९९
  300. अध्यायः ३००
  301. अध्यायः ३०१
  302. अध्यायः ३०२
  303. अध्यायः ३०३
  304. अध्यायः ३०४
  305. अध्यायः ३०५
  306. अध्यायः ३०६
  307. अध्यायः ३०७
  308. अध्यायः ३०८
  309. अध्यायः ३०९
  310. अध्यायः ३१०
  311. अध्यायः ३११
  312. अध्यायः ३१२
  313. अध्यायः ३१३
  314. अध्यायः ३१४
  315. अध्यायः ३१५
  316. अध्यायः ३१६
  317. अध्यायः ३१७
  318. अध्यायः ३१८
  319. अध्यायः ३१९
  320. अध्यायः ३२०
  321. अध्यायः ३२१
  322. अध्यायः ३२२
  323. अध्यायः ३२३
  324. अध्यायः ३२४
  325. अध्यायः ३२५
  326. अध्यायः ३२६
  327. अध्यायः ३२७
  328. अध्यायः ३२८
  329. अध्यायः ३२९
  330. अध्यायः ३३०
  331. अध्यायः ३३१
  332. अध्यायः ३३२
  333. अध्यायः ३३३
  334. अध्यायः ३३४
  335. अध्यायः ३३५
  336. अध्यायः ३३६
  337. अध्यायः ३३७
  338. अध्यायः ३३८
  339. अध्यायः ३३९
  340. अध्यायः ३४०
  341. अध्यायः ३४१
  342. अध्यायः ३४२
  343. अध्यायः ३४३
  344. अध्यायः ३४४
  345. अध्यायः ३४५
  346. अध्यायः ३४६
  347. अध्यायः ३४७
  348. अध्यायः ३४८
  349. अध्यायः ३४९
  350. अध्यायः ३५०
  351. अध्यायः ३५१
  352. अध्यायः ३५२
  353. अध्यायः ३५३
  354. अध्यायः ३५४
  355. अध्यायः ३५५
  356. अध्यायः ३५६
  357. अध्यायः ३५७
  358. अध्यायः ३५८
  359. अध्यायः ३५९
  360. अध्यायः ३६०
  361. अध्यायः ३६१
  362. अध्यायः ३६२
  363. अध्यायः ३६३
  364. अध्यायः ३६४
  365. अध्यायः ३६५
  366. अध्यायः ३६६
  367. अध्यायः ३६७
  368. अध्यायः ३६८
  369. अध्यायः ३६९
  370. अध्यायः ३७०
  371. अध्यायः ३७१
  372. अध्यायः ३७२
  373. अध्यायः ३७३
  374. अध्यायः ३७४
  375. अध्यायः ३७५
  376. अध्यायः ३७६
  377. अध्यायः ३७७
  378. अध्यायः ३७८
  379. अध्यायः ३७९
  380. अध्यायः ३८०
  381. अध्यायः ३८१
  382. अध्यायः ३८२
  383. अध्यायः ३८३

कुब्जिकापूजा

ईश्वर उवाच
श्रीमतीं कुब्जिकां वक्ष्ये धर्मार्थादिजयप्रदां ।१४४.००१
पूजयेन्मूलमन्त्रेण परिवारयुतेन वा ॥१४४.००१
ओं ऐं ह्रौं श्रीं खैं ह्रें हसक्षमलचवयम्भगवति अम्बिके ह्रां ह्रीं क्ष्रीं क्षौं क्ष्रूं क्रीं कुब्जिके ह्रां ओं ङञनणमे अघोरमुखि व्रां छ्रां
छीं किलि २ क्षौं विच्चे ख्यों श्रीं क्रों ओं ह्रों ऐं वज्रकुब्जिनि(१) स्त्रीं त्रैलोक्यकर्षिणि ह्रीं कामाङ्गद्राविणि ह्रीं स्त्रीं महाक्षोभकारिणि ऐं ह्रीं क्ष्रीं ऐं ह्रों श्रीं फें क्षौं नमो भगवति क्ष्रौं कुब्जिके ह्रों ह्रों क्रैं ङञणनमे अघोरमुखि छ्रांछां विच्चे ओं किलि २
कृत्वा कराङ्गन्यासञ्च सन्ध्यावन्दनमाचरेत् ।१४४.००२
वामा ज्येष्ठा तथा रौद्रीं सन्ध्यात्रयमनुक्रमात् ॥१४४.००२
कुलवागीशि विद्महे महाकालीति धीमहि । तन्नः कौली प्रचोदयात्
मन्त्राः पञ्च प्रणवाद्याः पादुकां पूजयामि च ।१४४.००३
मध्ये नाम चतुर्थ्यन्तं द्विनवात्मकवीजकाः ॥१४४.००३
नमोन्ता वाथ षष्ट्या तु सर्वे ज्ञेया वदामि तान् ।१४४.००४
कौलीशनाथः सुकला जन्मतः कुब्जिका ततः ॥१४४.००४
श्रीकण्ठनाथः कौलेशो गगनानन्दनाथकः ।१४४.००५
चटुला देवी मैत्रीशी कराली तूर्णनाथकः ॥१४४.००५
अतलदेवी श्रीचन्द्रा देवीत्यन्तास्ततस्त्विमे ।१४४.००६
भगात्मपुङ्गणदेवमोहनीं पादुकां यजेत् ॥१४४.००६
अतीतभुवनानन्दरत्नाढ्यां पादुकां यजेत् ।१४४.००७
ब्रह्मज्ञानाथ कमला परमा विद्यया सह ॥१४४.००७
विद्यादेवीगुरुशुद्धिस्त्रिशुद्धिं प्रवदामि ते ।१४४.००८
गगनश्चटुली चात्मा पद्मानन्दो मणिः कला ॥१४४.००८
टिप्पणी
१ वह्निकुब्जिनि इति ख.. , छ.. च

कमलो माणिक्यकण्ठो गगनः कुमुदस्ततः ।१४४.००९
श्रीपद्मो भैरवानन्दो देवः कमल इत्यतः ॥१४४.००९
शिवो भवोऽथ कृष्णश्च नवसिद्धाश्च षोडश ।१४४.०१०
चन्द्रपूरोऽथ गुल्मश्च शुभः कामोऽतिमुक्तकः(१) ॥१४४.०१०
कण्ठो वीरः(२) प्रयोगोऽथ कुशलो देवभोगकः ।१४४.०११
विश्वदेवः खड्गदेवो रुद्रो धातासिरेव च ॥१४४.०११
मुद्रास्फीटी वंशपूरो भोजः षोडश सिद्धकाः ।१४४.०१२
समयान्यस्तु देहस्तु षोढान्यासेन यन्त्रितः ॥१४४.०१२
प्रक्षिप्य मण्डले पुष्पं मण्डलान्यथ पूजयेत् ।१४४.०१३
अनन्तञ्च महान्तञ्च सर्वदा शिवपादुकां ॥१४४.०१३
महाव्याप्तिश्च शून्यञ्च पञ्चतत्त्वात्ममण्डलं ।१४४.०१४
श्रीकण्ठनाथपादुकां शङ्करानन्तकौ यजेत् ॥१४४.०१४
सदाशिवः पिङ्गलश्च भृग्वानन्दश्च नाथकः ।१४४.०१५
लाङ्गूलानन्दसंवर्तौ मण्डलस्थानके यजेत् ॥१४४.०१५
नैर्ऋत्ये श्रीमहकालः पिनाकी च महेन्द्रकः ।१४४.०१६
खड्गो भुजङ्गो वाणश्च अघासिः शब्दको वशः ॥१४४.०१६
आज्ञारूपो नन्दरूपो बलिन्दत्वा क्रमं यजेत् ।१४४.०१७
ह्रीं खं खं हूं सौं वटुकाय अरु २ अर्घं पुष्पं धूपं दीपंगन्धं बलिं पूजां गृह्ण २ नमस्तुभ्यम् । ओं ह्रां ह्रीं ह्रूं क्षें क्षेत्रपालाय अवतर २ महाकपिलजटाभार भास्वरत्रिनेत्रज्वालामुख एह्येहि गन्ह्दपुष्पबलिपूजां गृह्ण २ खः खः ओं कः ओं लः ओं महाडामराधिपतये(३) स्वाहा
टिप्पणी
१ कामोऽथ मुक्तक इति ज.. , छ.. , ञ.. च
२ वटो वीर इति ज.. , छ.. च
३ प्रमथाधिपतये इति ङ.. । महामायाधिपतये इति ज..

बलिशेषेऽथ यजेथ्रीं ह्रूं हां श्रीं वै त्रिकूटकं ॥१४४.०१७
वामे च दक्षिणे ह्यग्रे याम्ये निशानाथपादुकाः ।१४४.०१८
दक्षे तमोरिनाथस्य हग्रे कालानलस्य च ॥१४४.०१८
उड्डियाणं जालन्धरं पूर्णं वै कामरुपकं ।१४४.०१९
गगनानन्ददेवञ्च स्वर्गानन्दं सवर्गकं(१) ॥१४४.०१९
परमानन्ददेवञ्च(२) सत्यानन्दस्य पादुकां(३) ।१४४.०२०
नागानन्दञ्च वर्गाख्यमुक्तान्ते रत्नपञ्चकं ॥१४४.०२०
सौम्ये शिवे यजेत्षट्कं सुरनाथस्य पादुकां ।१४४.०२१
श्रीमत्समयकोटीशं विद्याकोटीश्वरं यजेत् ॥१४४.०२१
कोटीशं बिन्दुकोटीशं सिद्धकोटीश्वरन्तथा ।१४४.०२२
सिद्धचतुष्कमाग्नेय्यां अमरीशेश्वरं यजेत् ॥१४४.०२२
चक्रीशनाथं कुरुङ्गेशं वृत्रेशञ्चन्द्रनाथकं(४) ।१४४.०२३
यजेद्गन्धादिभिश्चैतान् याम्ये विमलपञ्चकं ॥१४४.०२३
यजेदनादिविमलं सर्वज्ञविमलं ततः ।१४४.०२४
यजेद्योगीशविमलं सिद्धाख्यं समयाख्यकं ॥१४४.०२४
नैऋत्ये चतुरो देवान्(५) जयेत्कन्दर्पनाथकं ।१४४.०२५
पूर्वाः शक्तीश्च सर्वाश्च(६) कुब्जिकापादुकां यजेत् ॥१४४.०२५
टिप्पणी
१ स्वर्गानन्दञ्च देवकमिति घ.. , ञ.. च
२ पन्नगानन्ददेवञ्चेति ञ.. । पवनानन्ददेवञ्चेति ज..
३ मर्त्यानन्दस्य पादुकामिति ख.. , ग.. , ङ.. , झ.. , ज.. च
४ भूतोशं मन्त्रनायकमिति ज.. । भूतीशं मन्त्रनायकमिति ञ..
५ चतुरो वेदानिति ख.. , छ.. , ज.. च
६ पूर्वान् सशक्तीन् सर्वांश्चेति ज.. , ञ.. च

नवातम्केन मन्त्रेण पञ्चप्रणवकेन वा ।१४४.०२६
सहस्राक्षमनवद्यं विष्णुं शिवं सदा यजेत्(१) ॥१४४.०२६
पूर्वाच्छिवान्तं ब्रह्मादि ब्रह्माणी च महेश्वरी ।१४४.०२७
कौमारी वैष्णवी चैव वाराही शक्रशक्तिका ॥१४४.०२७
चामुण्डा च महालक्ष्मीः पूर्वादीशान्तमर्चयेत् ।१४४.०२८
डाकिनी राकिनी पूज्या लाकिनी काकिनी तथा ॥१४४.०२८
शाकिनी याकिनी पूज्या वायव्यादुग्रषट्षु च ।१४४.०२९
यजेद्ध्यात्वा ततो देवीं द्वात्रिंशद्वर्णकात्मकां ॥१४४.०२९
पञ्चप्रणवकेनापि ह्रीं कारेणाथवा यजेत् ।१४४.०३०
नीलोत्पलदलश्यामा षड्वक्त्रा(२) षट्प्रकारिका ॥१४४.०३०
चिच्छक्तिक्तिरष्टादशाख्या बाहुद्वादशसंयुता ।१४४.०३१
सिंहासनसुखासीना प्रेतपद्मोपरिस्थिता ॥१४४.०३१
कुलकोटिसहस्राढ्या कर्कोटो मेखलास्थितः ।१४४.०३२
तक्षकेणोपरिष्टाच्च गले हारश्च वासुकिः ॥१४४.०३२
कुलिकः कर्णयोर्यस्याः कूर्मः कुण्डलमण्डलह्ः ।१४४.०३३
भ्रुवोः पद्मो मकापद्मो वामे नागः कपालकः ॥१४४.०३३
अक्षसूत्रञ्च खट्वाङ्गं शङ्कं पुस्तञ्च दक्षिणे ।१४४.०३४
त्रिशूलन्तदर्पणं खड्गं रत्नमालाङ्कुशन्धनुः(३) ॥१४४.०३४
श्वेतमूर्ध्वमुखन्देव्या ऊर्ध्वश्वेतन्तथापरं ।१४४.०३५
पूर्वास्यं पाण्डरं क्रोधि दक्षिणं कृष्णवर्णकं ॥१४४.०३५
टिप्पणी
१ सदाशिवं स्वयं यजेदिति ङ.. , छ.. , ज.. च
२ षड्वर्णेति ज..
३ वनमालङ्कुशं धनुरिति घ.. , ङ.. च

हिमकुन्देन्दभं सौम्यं ब्रह्मा पादतले स्थितः ।१४४.०३६
विष्णुस्तु जघने रुद्रो हृदि कण्ठे तथेश्वरः ॥१४४.०३६
सदाशिवो ललाटे स्याच्छिवस्तस्योर्ध्वतः स्थितः ।१४४.०३७
आघूर्णिता कुब्जिकैवन्ध्येया पूजादिकर्मसु ॥१४४.०३७

इत्याग्नेये महापुराणे युद्धजयार्णवे कुब्जिकापूजा नाम चतुश्चत्वारिंशदधिकशततमोऽध्यायः ॥