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पृष्ठम्:Ashwalayana gruhya sutra bhashyam.pdf/२९६

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INDEX OF SŪTRA-S सूत्राणामनुक्रमणिका अ Chap. Page Section and No. I. 15.3 83 2. 1. 3 136 2.1.2 כל 4.7.26 254 4.1.4 223 3.6.7 203 1.4.4 26 1. 21.2 106 1.9.9 53 1.20.9 105 2.4. 8 153 4. 7. 21 254 1..20.4 103 1. 3.8 21 1.23.7 121 4.6.5 244 2. 4. 15 156 1. 7.4 36 4.5.4 241 4.2.7 227 I 6 ८ Sutra असावभिमृशति अक्षतधानाः कृत्वा अक्षतसक्तूनां नवं अक्षन्नमीमदन्त अगदः सोमेन पशुना अगमनीयां गत्वा अम्न आयूंषि पवसे ' अग्नये समिधमाहार्षं '. अग्नये स्वाहेति सायं . अग्नि परिसमूह्य

५ अग्निना वा कक्षमुपोषयेत् अग्निमुखा वै देवा : ' ' अग्निराचार्यस्तव ' अग्निरिन्द्रः प्रजापतिः ' अग्निर्म होता } • अग्निवेलायामग्नि ' अग्ने नय सुपथा राये ? अङ्गुलीरेव स्त्रीकाम: अङ्गुष्ठोपकनिष्ठिकाभ्याम् अजां वैकवर्णाम् 17