९ सुभां०अश्धुं*
सस्याननिर्देशमनुक्रमकोशः ६५
राजान* ११२॥२७४ |{ रार्म सीता १८९॥६२ | रे खल तव ५७t1३७
राजानमेव (र्पच १ ४२) १४८॥२५२ | राम त्वत्की १८४|७३ !| रेखा काचन २५६॥५०
राजा नाम॒ १५०।३२३ | रामरामे (रामरक्षा ३८) १ <<l३६ | रे चाञ्चल्य (भामिनी.प्रा ५७) २३२॥८०
राजानो यं (शा प.१३२४) १४५॥१'३५ | रामाणा रमणीय (अमरु १२३) ३२ ६॥२८ | रेजुर्भ्रष्टा *१३०॥९७
राजा पश्य १६६॥५६७ | रामाद्याचय 1२॥2*, | रेजे पुष्पैग्रीष्म ३३५॥१
राजा बन्धु (पच १ ३७७) १४९॥३०१ || रामाभिषेके (हनु ३ ३) १८1|२८ || रेत शोणि (शाति श १ २६) ३७६।२५९
राजा मत्त* (हि ३ १८) १४७॥२२४ | रामार्चिता १२॥५३ |! रेतोरत्तमया २६२०४
राजा राजा (सु ९७) ८॥11८ |{ रामाविलोल २५५॥९५ ! रे धाराधर (चात ७) २१४t८०
राजा (दृ चाणक्य ६ १ °) १६°l३१२ | रामेण त्रि सप्त(शिशु १८ ७०) १३०|* ९ ! रे धृष्टा वातं (शा प ४०८७) ३६७१४
राजा राष्ट्र (दृ चाणक्य ६ १०)३९१t६०६ | रामे प्रव्रजन (विक्रमच्च ८ ०) ९४1१०८ || रे पद्माकर याव (शा प.१ १३२) २१९॥१२
राजा वे(दृ चाणक्य १७•१९)३९२॥६°६ | रामो नाम (कृष्ण कर्णा २ ७२) २४{१५५ | रेपद्मिनीदल (श प ११३३)२४४२२७
राजाश्रय १७३।८५७ |! रामो हेममृग (वे १५) ३७८॥४1 | रे पद्मिनी २४४।२१९
राजा सप (भोजप्र ५२) १४७1१९८ | राष्ट्रस्य चित्त १७२l८२९ | रे पान्था ३३५॥१४१
राजास्य जगतो (का नी १ ९) १४२॥१ | रासंील्लासभ (गीत १ ४ १२) २४।१६८ | रे पुत्र सत्सङ्ग १८२३४
राजीव जीव (प्र राघव १.३६) २७१t३५ |!| रित्ता कर्मणि (शा प १ ३ ३ ०) १५१।३६३ | रेफ व्यञ्जन १२०t१४४
राजीवमिव (काव्या २ १६) ३४'४॥१० ! रिक्षेषु वारि (कुव ३ १) ३३६1१८ | रे बालकेोकिल (शा प ८ ४७) २२५॥१३३
राजीविनीवेि २१४॥९ | रिङ्गत्तुङ्गतरङ्ग 1३७l७2 | रे राजहस (शा प ८०४) २२१॥१८
राजेति क्षण ११५॥३१ | रिपुरिख सखी (गीत.७ १६ २) २८४।२३ | रे रे केोकिल (भर्तृ स.७१९) २२५॥१३१
राजौ द्विजा (नैषध ७ ४६) २६१॥१५७ ! रिपुश्रिय कृि १**T* | रे रे खला ३१॥३२
राज्ञ सबो २० ०l३८ रुचिधान्नि भर्तरेि (शिशु ९ १३) २९४॥४१ रे रे घरट्ट २६०१० १
राज्ञस्तु १५०|३३० | रुचिभिर रै°*1६° | रे रे चातक (मर्तृ स ७२१) २२६॥१६६
राज्ञामस्य (नैषध १२ ५८) ११०|!२४० | रुचिरति २४४2२३ | रे रे दीप २४७६७
राज्ञामाज्ञा १५०t|३२४ | रुचिरखरवर्णपदा (शा प ५२३) १८६l२ | रे रे निर्दय (इनु ५.२२) २८२॥१३९
राज्ञि धर्मिणि (भोजप्र.४४) १४५॥११९ | रुजन्तूि (भा १ २ १२५ १४) ३९२l६1६ | रे रे पान्थ ३५५t८३
राज्ञि मात १४६॥१६३ | रुद्धनिर्गमन (कुमार ८.६०) २९९॥२५ | रे रेरसाल २४०l1१३
राज्ञेो मानधन (वेणी ४ १) ३६६॥९ |स्ट्स्यपि १२२I१७५ | रे रे रासभ २३४l१३८
राज्ञो विपद्वन्धुवियो (दश रू,) ३८५॥३३४ रुद्रोऽद्रिं जलर्धि (सु ५४३) ७1l४ ४ रे रे लोका ३६५५६
राज्यं येन २१|८३ | रुविरवेिसर (का प्र ४ ७७) , १1६७2 , रेरेशिष्टबकोट (शा प ८९५)२२९॥२३१
रज्य शत १४३॥५५ | स्रुन्धती नयन् (क्रिरा॒त ९•६७) ३1६l"५९ , रं लाङ्गलिक (शा प ११८५) २४६॥३९
राज्य (हि २ १८१) १७३२२ | रुष्ट्रे का परपुष्टे (भर्दृ स ७१७) २८८l१५ | रेवावारिणि (शा प ९२२) ९५॥१२५
राज्ये सारं (काव्याल ७ ९७) १७१।८०२ रुष्टो॒ऽपि. १५०t३३ ६ || रे सारङ्गा २८३।१६५
रात्रि काल २९२३४ | रूक्षं वपुर्ने (स्क्ति २४ ४) २३४| १२९ || रोगशोक (हि १ ४ १) १६९t७1९,
- रोत्रेि सैव (भद्वै ३ ४५) ३७५२२७ | रूक्षं विरौति (ख् ४३८) ६°l|२४1 | रोग्ीिं चिर (शा प २५८९) १७०|७६८
रोत्रिरागमलेि (किरात ९ १६)' २९७|१० | रूक्षस्यामधुरस्य (शा प ८८४)२२८1२१६ | रोगोऽण्ड (सु ३८ ३) ५८l1 ६७
रात्रिर्गमिष्यति (भर्तृ.स ७१२) २२३॥७८ | रूक्षाया लेह (पच ४ ५८) ३४९॥३० | रोदोरन्भ्रं (शिशु १८.१५) १२९t६१
रात्रिर्मे २८५॥३८ | रूढस्य सिन्धु (शा प १०६०) २४३।१९४ ! रोमन्थमारचय(भर्तृ स ७२३) २३३॥|1 ° ६
रात्रैौ जानु (भोजप्र २३३) ६६॥११ | रूपं जरा (वानरा ४) १७३!|८७२ ! रोमावलिश्ट्रे २६७I३५२
रात्रौ रवे (कुव.३५) १३८l१ | रूपमप्रति (शिशु १० ३७) ३१५॥४० | रोमावली २६७|३४३
रात्रौ वोरिभरा (अर्मरु ५४) ३४३॥९१ | रूपयौवनसपन्ना (स पाठेोप ५३) ' ३९॥९ | रोमावलीदण्ड (नैषष ७•5°) २६८l३७*
राधापुनातु(कृष्ण कर्णीँ २ २५) २६॥१९९ | रूपवाश्चापि ८६॥२ | रोमावली सु १४|११
राधामधु २२॥११२ | रूपसपन्न (नल,च १.२२) ३५०॥५ | रोमावली र (नैषध ७ ८४) २६७l३५°
राधामुग्ध (गीत.५.११.६) २५॥१७२ | रूपसैौरभ २३८।६६ | रोलम्बस्य (शा प.१० ११) २३९॥$६
राधामोइन (चाद्दिल.कौ.४.६) २५॥१८६ | रूपेणा (पच.४ २२६) १७$॥१०२८ | ऐलन्ब: २८५४०
रार्म क्ानर १९१॥८७ ! रे कूप जीव २२०ा९ | रोलम्बैर्न (शा.प.९७६) १८०॥१०४८