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पृष्ठम्:सुभाषितरत्नभाण्डागारम्.djvu/४९५

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सुभाषितरत्नभाण्डागारस्थपद्यानां
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रत्ताशोक (विक्रमोर्व.४.४१) २८३॥१५५
रक्षेतनैव १११॥२६०
रत्तोत्फुल्ल (सा द ३ २६५) ३६६॥११
रत्तोऽभिजायते (पच १ १५५)३४८॥१६
रक्षन्ति कृपणा (शा प ४७२) ७०l३
रक्षन्ति पक्षं ((शा प १५७३) १४३॥४४
रक्ष पात्रगर्त (शा प.११९५) २४७।६२
रक्षाधिका १५०॥३२२
रक्षामालिकया (शा प ३६६९) ३१७॥१
रक्षेत्कन्या (याश १ ८५) ३९२॥६३५
रघुतिलक 11८l1२२
रङ्कावङ्क, ३०४॥१६३
रचयति २६८॥३६1
रचयति सहसा ११॥२२ |!
रजनिचर (विद्ध शा ४ २) ३३६।२०
रजनीमवाप्य (शिशु ९ ३३) ३० ०॥५८
रजनीषु विमल (सा द ४ ९) १३५॥९
रजन्यामन्यस्या (शा प ३५०९) २९३॥६
रजोजुषे जन्मनि १४॥३
रज्यन्न २६४॥२४५
रञ्जिता न २१०।|१३
रञ्जिता नु विवि (किरात ९.१५) २९७॥९
रटतु जलधर (शा.प ३८७४) ३४०॥३०
रणत्कङ्कणाना ३३१।|२
रणे बाणगणै (कुमार १६ २४) १२८॥१°
रण्डा पीन ३६५॥५३
रतखिन्नतरा प्रात(शा प ३७४५) ३२८l1
रतरीतिवीत ८५1*
रतान्ते प्राणेशे ३२1t२३
रतिकृति गते (शा प ३७१२) ३२२॥५
रतिकेलिकल (सा द ६ १९३) *९९६l1
रतिक्रीडाद्यूते कथ(दशरू २•३९)३१६॥३
रतिपतिप्रहितेव (शिशु ६ ७) ३३२॥६२
रतिरभसनि (शा प ३६८८) ३१९l३०
रतिरभसविल (शिशु ११ २) ३२३॥२1
रत्नभित्तिषु (काव्या २ ३०२) ३६३॥२
रढ्नसानु 1 ०Y४t८४
रत्नाकर किं कुरुते (नीतिप्र.१) ४९t1७1
रत्नाकरतनुजनु (शा प ११४०) ६२l१६
रढ्नाकरख्तव ६३l२८
रव्नाकरे परि (भद्वै स ७०५) २४ ६l२२
रत्नाकरो २१०॥२७
रत्नाना न (शा.प.१० ७२) *2१५l१ *
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रढ्नान्यधो (श्सु २९२७) १११॥२५७
रत्नावलीपूर्वे ३६l३३
रनैरापूरितस्यापि (शा प.१०« ०) २१५॥३
रनैर्महद्दैस्तुतुषुर्न (भर्तृ स.५२) ७७॥१०
रल्याप्तप्रिय (कुव १४०) २६६॥२९७
रथ शरीरं (भा ५ ११५३) ३८५॥३४०
रथस्थिताना (कुव ३५) ३३१॥२०
रथस्यैक चक्र (भोजप्र.१६९) ५२॥२५१
रथेिनो रथि १२८|॥२३
रथेभ्यो गज (शा प ३९८४) ३६०॥७
रथो रथाङ्ग १२८॥२७
रथ्याघोषैर्बुहणै (शिशु १८.३) १२९॥५४
| रथ्यान्तश्चरत (शान्तिश ४ ९) ३७०।८८
रथ्यारजोरु (शा प ३४० ७) ३५४॥७६
रभसादभिस २९८॥1०
रभसेन हार (शिशु १३ ३२) १२६।३९
रमणीय १७०|७४५
रमणे चरण (सा द ७ ८) ३ r` ८l४
रम्भातरू १२८l३५
रम्भापि (नैषध ७ ९३) २६९॥३९२
रम्यं द्वेष्टि (अ शाकु ६ ५) २७४।६
रम्यं हम्यैतलं (भर्तृ स ३ १५) ३४५॥४५
रम्यंहृम्र्यतर्ल (भर्तृ स ७०८) २७३॥१८१
रम्याणि वीक्ष्य (अ शाकु ) ३९२॥६१८
रम्या रामा (प्रसगाभ १३) ३९२॥६२८
रम्याथेाँतित ३१l४'४
रवि करसह १०1।६
रविचन्द्रौ घना ७४॥३
रविजा शशिो 1 ८४l७
रवितप्तो गज (कुव ३७) २३१।६०
रवितुरङ्गतनूरुहृ (शिशु ६ २२) ३३५॥१०
रविमणि (सु २२७३) ३६०l१५
रविमावसते २८॥२ |
रविरपि न ५६!११६
रविसुतकृत 1८९l५४
रवे कवे* (शा प ५५४) 1९७॥२1
रवेरस्तं तेज २९५॥५९
रवेरेवोदय (वेणी ?) २० ९१
रवेर्मयूखैरभि (शा प ३८३८) ३३६॥३६
रसति तरुणीके (शा प ३८ ९०) ३४२॥८५
रसायनविद (भा १२ ८७९) ३९२॥६२२
रसालशिखरा (शा प ८४८) २२५॥१ १७
रसालानमन्त
]
||
रहस्यमेदो (हि.१.९८) ८ ८t२
रा. पुण्र्य 1६६५८७
राकायाम (का.प्र.१० ४५१) २६२॥1६६
राकाविभा (का प्र ७.१५६) ३१२॥१८
राका सुधाकरकरै 2८८l४३
राकासुधाकर (का प्र.४ ४५) २७९॥५४
राक्षसा कलि *९८l४
राक्षसेभ्य. १९४२०
रागकान्तनयने (किरात ९.६३) ३१६॥५५
रागादिरोगान्सत ४३२
रागिणि नलिने V7४८
रागिो0यपि ३६७॥१०
रागी बिम्बाध (पच.१ २ २ १) ३७८॥६२
रागी भिनत्ति 1८ ६t७
रागे द्वेषे १६६t५८ ०
राघवस्य १९४|१६
रार्जस्त्वत्कोतैि १३४।१
रार्जस्त्वद्दशैने १० १।1
राजचन्द्रं (भोजप्र १७६) 1०२॥४५
राजत सलि (भा ३ ८५) ६४।१०
राजति त्रिवली २६७t३३३
राजते राजरामा (भर्तृ स ७०९) ३२८।२
राजनि (हि २ ६४) 1७०७४९
राजन्कनक (भोजप्र ३१४) १०२॥२६
र[जन्कमल 1 ८ ७1७
राजन्दुधुक्षसि (भर्तृ.स.५८) १५२॥४०५
राजन्दौवारि (भोजप्र ३१०) १०२॥२५
राजन्द्विषस्ते भय (शा प १२७९) १३ १।८
राजन्न+यु (भोजप्र ७५) १११t२६६
राजन्नवघ १९३!।६
राजन्मुञ्ज (भेोजप्र २१२) १1७l९०
राजत्रजन्यु (राज त ५ ३१७) ३८६॥३७५
राजन्राजसुता (शा प १२६८) १३२॥२८
राजन्वि (का प्र ७•२ १ १) १०५॥१४ ६
राजन्वीर 1२४ 1०
राजन्सप्ताप्य (कुव १६३) 1३३॥२
राजपन्र्नी (वृ चाणक्य ४ २०) १६०३२६
राजछलट (प्र राघव ७ ८) 2V७ ८l४ ४
राजसेवा (कुव ५४) 1३९l1
राजा कुल (हि १ १७३) ८६I५
राजा घृणी (शा प १५ ४ १) १७२t८२०
| राजा तुष्टोऽपि (भोजप्र १७) १४४1१० १
१४१l६ | राजा धर्मविना (सप्तरत्न.२)
रन्नानि वेिभूष (शा.प.३०८६) २५१॥३° | रसt सार (भम्याल.५•२°) २० ६॥१२ | राजार्न प्रथम (हि.१.२०४)
३ v*८l४३
1४२}२