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पृष्ठम्:वायुपुराणम्.djvu/१६३

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१४४ यदिदं विश्वरूपं ते विश्वगं विश्वमीश्वरम् । ) एतद्वेदितुमिच्छामि कश्चायं परमेश्वरः ।।४३ कैषा भगवती देवी चतुष्पादा चतुर्मुखी । चतुःशृङ्गी चतुर्वक्त्रा चतुर्दन्ता चतुःत्तनी चतुर्हस्ता चतुर्नेत्रा विश्वरूपा की स्मृता । क्रिया कोऽस्याम वीिर्या वाऽपि कर्मतः ।४५ I४४ सहवर उवाच रहस्यं सर्वमन्त्राणां पावनं पुष्टिवर्धनम् । शृणुष्वैतत्परं गुह्मादिसर्गे यथातथम १४६ अयं यो वर्तते कल्पो विश्वरूपस्त्वसौ स्मृतः । यस्मिन्भवादयो देदः षत्रिंशन्मनवः स्मृतः ॥४७ ब्रह्मस्थानमिदं वाऽपि यदा प्राप्तं त्वया विभो । तदाप्रभृति कल्पश्च त्रयस्त्रतमो ह्ययम् ॥४८ शतं शतसहस्राणामतीता ये वयंभुवः । पुरस्तात्तव देवेश ताञ्शृणुष्व महामुने आनन्दस्तु स विज्ञेय आनन्दत्ये सहतपः। गालन्यगोत्रतपसा मम पुत्रस्त्वमागतः त्वयि योगश्च सांख्यं च तपो बिद्याविधिः क्रिया । ऋतं सत्यं च यद्ब्रह्म अहंसा संततितमः ॥५१ ध्यानं ध्यानवपुः शान्तिविद्याऽविद्या मतिधृतिः। कान्तिः शान्तिः स्मृतिर्मेधा लज्जा शुद्धिः सरस्वती । तुष्टिः पुष्टि: क्रिया चैव लज्जा शान्तिः प्रतिष्ठिता ५३ I४e ५० विश्वरूप है उसे हम जानने की इच्छा करते है । यह परमेश्वर कौन है ? ।४१-४३। यह भगवती कन है, जो चार पैर, चार मुखचार सीग, चार मुख, चार दांत, चार स्तन, चार हाथ, चार आंखवाली और विश्वरूपा कहलाती है ? इसका क्या नाम है ? इसकी आत्मा और रूप कैसे है ? इसका पराक्रम और कर्म केसे हैं ? ।४४-४५॥ महेश्वर बोले--"मन्त्रों का यह रहस्य पावन ओर पुष्टिवर्द्धन है । आदि मर्गी के इस परम गुहा तत्त्व को यथार्थ रूप से सुनिये ।४६। यह जो कल्प बीत रहा है, वह विश्वरूप कहलाता है। भधादि देवगुण इस कल्प के छत्तीसवें मनु कहलाते है ।४७ विभो ! जव से आपने इस ब्रह्म पद को प्राप्त किया है, तब से यह तैतीसव कप चल रहा है ।४८ । देवेश महामुनि ! आपके समक्ष ही जो शत-शत और सहन सहन स्वयम्भू बीत चुके है, उनकी कथा सुनें ।४६। आप पहले आनन्द नाम से प्रसिद्ध थे । आपने बड़ी तपस्य की थी। आप गालव्य गोत्र में उत्पन्न हुये और तपस्या के बल से मेरे पुत्र हुये थे 1५०योग, सांख्य, तपस्या विद्या, विधि व्यवस्था, क्रिया, ऋतु, सत्य, ब्रह्म, अहिंसा, अविच्छिन्न सन्तति, ध्यान, ध्यानयोग शरीर शान्ति, विद्या, अविद्या, मति, धृति, शान्ति, स्मृति, मेघा, लज्जा चुट्टि, सरस्वती, तुष्टि, पुष्टि क्रिया लज्जा और शान्ति आदि आपमे प्रतिष्ठित थे। हे ब्रह्मन् ! यह जो बत्तीस अक्षरों के नाम वाली और