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पृष्ठम्:ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त भाग १.pdf/६९२

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( ३०७ ) लंबनिपातांतरक लंबोच्यांतरविभक्तमधिकरणम् | भूलंबांतरणिता लगनिपातांतरविभक्ता ॥ ३० ॥ सधोनाद्रक लम्बोदग्लम्बा दग्रलंबके होने । अधिकेऽधिको ग्रहोच्यं तलांग्रवेध द्वयां षष्टचा ॥ ३१ ॥ दृष्टिक् लंबगुणा विभाजिताद्यः शलाकया भूमिः । सकलशलाका गुरिणता भूमिदृष्ट्या हतोछ्रायः ॥ ३२ ॥ 1 ३०. (घ) १. भूलंबांतर for (भूलंबांतर) २. संबनिपातांतर for ( लंबनिपातांतरकं ) ३. विभक्ताः for (विभक्ता) ( वि० - इसकी क्रमस ख्या ३१ है ) | (ग) (वि० - इसकी श्लोकसंख्या ३४ है) (च) १. भूलंबातर for (भूल्लंवातर) ४. (वि० – यहां क्रमसंख्या ३१ अंकित है) ३१. (घ) १. लब्धोनादृक् (ग ) सशेनो द्विग् for (लब्धोनाद्रक ) २. लंबोहग्लंबा (ग) (च) (ङ) for ( लंबोदग्लंबा) ३. गृहौच्यं (ग) (च) (ङ) for ( ग्रहोच्य) ४. तलग्र वेध (ग) तलाग्र वे बध्यया for (तलाग्रवेध) ५. द्वया यष्टया (ग) द्रिष्टया ।। ३५ || for (द्वयाषष्टया ) ( वि० – इसकी क्रमसंख्या ३२ है) (वि० - इसकी श्लोक संख्या ३५ है) (च) १. नाहक for (नाद्रक) (ग) ५. द्वया यष्ट्या for (द्वया षष्ट्या) ६. (वि० - क्रमसंख्या ३२ अंकित है ) (ङ) १. लब्धोनोग् for ( लब्धोनाद्र) ४. तलायके for (तलाग्र) . ५. विद्धया दृष्ट्या for (वेधद्वयाषष्ट्या) ३२. (घ) (वि० – इसकी क्रमसंख्या ३३ है) १. यष्टियैलग्नंबगुरणा (ग ) दृष्टि ग्लंबगुणा for ( दृष्टि क्लं बगुरणो) २. विभाजिताध: (ग ) (च) (ङ) for (विभाजिताद्यः) ३. गुरिणताः (च) for (गुणिता) ४, भूमिहंष्ट्या (ङ) for (भूमिदृष्टया ) ५. तोडायः (ग) (च) (ङ) for ( हतोछायः) ( वि० -- इसकी श्लोकसंख्या ३६ है) (ग) (च) १. द्रष्टिद्रकु for ( दृष्टि) ६ (दि० - यहाँ क्रमसंख्या ३३ अंकित है) (ङ) १. दृष्टि ग्लम्ब for ( दृष्टिर्द्र कुलम्ब )