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पृष्ठम्:ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त भाग १.pdf/६२९

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( २४० ) 3 भगरणाद्य मिष्टशेषं कदुदिवसे खेर्गुरू दिने वा । जदिने वायः कथयति कुदाकारं स जानाति ॥ २३ ॥ जदिने यदंशशेषं विकलाशेषं कदा न दिंदु दिने | भानोरथवा शशिनो यः कथयति कुटकशः सः ॥ २४ ॥ इष्टेषुमान दिवसे द्विमासान्सून रात्रिशेषे वा । भूयस्ते यः कथयति पथग् पृथग वा कुदज्ञः ॥ २५ ॥ २ २३. (घ) १. कथति (च) for (कथयति ) २. कुटाकार (ग ) कुहकारं for ( कुदाकारं ) (ग) ३. शदिनैराशय: for (ज्ञदिनेवाय:) ( वि० - इसकी लोकसंख्या १६ के स्थान में केवल ६ लिखी है) (च) १. कुद्दाकारं ror (कुदाकार ) (ङ) (वि० - श्लोकसंख्या १६ है) ३. राशीनु for ( वाय:) २४. (घ) १. दिंदु (ग ) (च) (ङ) for (नदिंदु ) कुटुकज्ञ: (ग ) for ( कुटकश:) २. (T) (च) २. कुदकश: for ( कुटकज्ञ:) (ङ) (वि० - क्रमसंख्या १७ है) १. कुट्टकज्ञ: for ( कुटकश:) ( वि० - इसकी श्लोक संख्या १७ के स्थान में ७ है) २. कुट्टाकारं for (कुदाकारं ) २५. ( घ) १. मासन्मून for ( मासान्सून ) २. पृथगपृथवा (ग) प्रथक् पृथग् वा स for (पृथग् पृथग वा ) ३. कुदृज्ञ: (ग) for ( कुदश:) (वि० -- इसकी श्लोक संख्या २६ है) १. न्यून fox (न्मून) ४. दिवसेष्वधिमास for ( दिवसे द्विमास ) (च) १. मासन्मून for ( मासान्मून ) ( वि० - इसकी क्रमसंख्या २६ है) ४. दिवसेष्वघि for (दिवसे द्वि) १. रात्र शेषे for ( रात्रिशेषे ) २. पृथंग वा for (पृथग वा ) J २. पृथगपृथग्वा for ( पृथग् पृथगवा ) १. मासन्यून fox ( मासान्सून) २. पृथक् for ( प्रथग् ) ३. स कुट्टज्ञ: for (कुदश:)