( २१६ ) दिनदलविभक्तजित्तगुण दिनगतशेषाल्पजीवयेष्टगुरराम् त्रिज्यामधिक मंगुललिप्तास्त्रिग्रहज्यया या भक्तम् ॥ ११ ॥ योनचेत्या द्वितयाँ द्वितया दंगुललिप्ता स्त्रिसंगुणाष्टतात् | ज्याद्वितीययुक्तिभक्तासद्वितुष वयो दरैः षड्भिः ॥ १२ ॥ व्यास वलनापर्वन मेकेनेष्टेना चार्य मितरेषाम् । अंगुलकलाभिरेवं शशिसितपरिलेख सूत्राराम् ॥ १३ ॥ ४ ११. (घ) १. जिन (ग) (च) (ङ) for (जित्त) (ग) ३. जीवयेषु (ङ) for (जीवयेष्ट) ५. मंडल for ( मंगुल) (ङ) ४. त्रिज्यार्ध for (त्रिज्यार्द्ध) २. स्त्रिगृह (च) for ( स्त्रिग्रह ) ४. तृज्याद्ध for (त्रिज्या १२ (घ) १. चेत्पाद्वितया for (चेत्याद्वितयाद्वितया) २. हृतात् (ग) स्त्रिहृतात् for (हृतानु) ३. द्वितय (ग) for (द्वितीय) ४. यवोदार: (ग) यवोदरै: (ङ) for (क्योदर :) (ग) ५. ज्योना for ( योन) १. चेज्याद्वितीयदंगुल for (चित्या द्वितया द्वितया) ६. भक्तात् (ङ) for (भक्तात्त) ७. वितुषक for ( द्वितुष) (च) १. चेनत्याज्या for (चेत्या ) ५. ज्योना for (योन) (ङ) ५. ज्याना for ( योन) ७. द्वितीय for (द्वितयाद्वितया) ८. संगणात् for (संगुरपाष्ट) २. त्रितालु for (हनातू) ३. ज्याद्वितययुक्ति for (ज्याद्वितीययुक्ति) १३. (घ) १. वलनापवर्त्तन (ग ) बललाप्रवत्तन for ( वलनापर्वन) २. नवार्य for (नाचार्य ) (ग) न कार्यभीतरेषाम् for (नाचार्यमितरेपाम् ) ३. परिलेष (ग ) (च) for (परिलेष) २. मेकेनेष्टेनवर्यं for (मेकेनेष्टेनाचार्य ) (च) १. पर्वत for (पर्वन) ४. नित for (सित) (ङ) १. बलनापवर्त्तन for ( वलनापर्यंन ) २. मेकेमेष्टेन for (मेष्टेना) ५. कार्य for (चार्य )
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