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पृष्ठम्:ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त भाग १.pdf/५९७

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( २०८ ) व्यस्ता चा जादीनां कलांशलग्न मिष्टघटकांश: । लग्ना घटिका: कालांश विनै स्वराश्यूदर्यः ॥ ३३ ॥ २ १ इष्टार्क चरार्द्ध ज्या क्षयवृद्धिज्याधुरात्रिंदलगुरिंगता । व्यासार्द्धन विभक्ता क्षितिजा द्वादशगुणा भक्ता ॥ ३४ ॥ क्रांत्या विषुवछाया क्षितिजेष्ट क्रान्तिवर्णयोगं पदम् । क्षितिजापक्रमजी त्रिज्या गुणोक्ता ॥ ३५ ॥ अग्रियाकलंबकजीवे दिनकृतचरासुविज्ञाने । २. २ ५ अर्कज्ञाने ज्ञाने विषुवछाया चराभूनाम् ॥ ३६ ॥ ३३. (घ) १. व्यस्तश्चाजादीनां (ग ) (च) (ङ) for ( व्यस्ताचाजादीनां ) २. कालांशा (ग) कालांशो for (कलश) ३. लग्नाइटिका: (ग) (च) (ङ) for ( लग्नाघटिका:) ४. कालांशकै (ग ) (च) (ङ) for (कालांश) ५. विनर्व (ग) (च) (ङ) for (चिनैव) ६. स्वराश्युदयः (ग) (च) (ङ) for (स्वराश्यूदयैः) ( च ) २. कालांश for (कलांश ) (ङ) २. काजांशलंग्न for (कलांशलग्न) ३४. (घ) १. क्षयं for (क्षय) (ग) २. चरार्द्धज्या (ङ) for चरार्द्धया) (च) ४. इष्टाक्कं for ( इष्टार्क) (ङ) ५. द्य राजदल for ( द्य रात्रिदल ) ३५. (घ) १. वर्गयोगपदम् (ग ) (च) for ( वयोगंपदम् ) २. अग्ना (ग) अशा for (अयं ) ४. गुणेभक्त (ग) (च) (ङ) for (गुणोभक्ता) ३. गुणिता: for ( गुणिता ) २. द्याक्षय for ( ज्याक्षय) ३. जीव (ग) जीवा for (जोवे) (च) २. अप्रक्षिति for (अग्रेक्षिति) (ङ) १. वर्गयोगपदम् for (वयौगंपदम् ) २. अग्रा for (मग्री ) ३६. (घ) १. कृञ्चरा for (कृतचरा) (ग) दिनकचरासुविज्ञाते for (दिनकृत चरासुविज्ञाते) २. अर्का (ग) for (अर्क) ४. 'क' यहां 'क' लुप्त है (च) (ङ) (च) ६. अवर्काग्र for (क) ३. घरासूनाम् (ग) (ङ) for ( चराभूनाम् ) ५. ज्ञाते ज्ञाते for (ज्ञाने ज्ञाने) ४. लंबक for (कलंबक) २. अक्कज्ञाने for (अर्कज्ञाने) ३. जीवत्रीज्या for (जीवेत्रिज्या) १. दीनकृश्चरा for (दिनकृतचरा ) ३. चरासूनां for (चराभूनाम्) (ङ) ६. धर्काप्रयाऽक्ष for (मर्काग्रयाक्ष ) १. कृच्चरासु for ( कृतचरासु), २. अर्काज्ञाने for (धर्कज्ञाने) ७. विषुवच्छाया for (विषुवछाया)