क्रांतिज्ञः सममंडल शंकुकर्णं वयोश्नलंबज्ञः । जानाति कोरणशंकुंछाया घटिकाः स तंत्रज्ञः ॥ ७ ॥ शंकुतलप्राच्यपरांतरद्वयं विक्षयो विजानाति । विषुत्रछायामेकं हृष्ट्वादित्यं च गरणकः सः ॥ ८ ॥ पातलशंकुमुदयेंदुस्ते वा दृग्ज्यां खे विजानाति । द्रक पाताल द्रकंशकोः पृथक् तले वा स तंत्रज्ञः ॥ १ ॥ 3 ७. (घ) १. कांतिज्ञ: for (क्रांतिज्ञः) ३. कर्ण: (च) for (करण) ४. वयोक्षलंबज्ञ: (ग) च योक्षलंबज्ञः for ( वयोश्नलंबज्ञ:) ५. जानाति जानाति for ( जानाति) ६. शंकूं for (शंकु ) (ग) ( वि०~-- इसको श्लोक संख्या म (च) ४ वयोक्षलंबज्ञः for ( वयोश्नलंबशः ) (ङ) ३. करणं च for (क व ) ६. शंकुच्छाया for (शंकुछाया) S. २. शंकु (च) (ङ) for (शंकु ) ४. योधलंबज्ञ: for ( योइनलम्बशः) (घ) वीक्ष (ग) वीक्ष्य for (विक्षयो) २. दृष्ट्वादित्यं (ग ) (च) for ( द्रष्ट्वादित्यं) (ग) (वि० – इसकी इलोकसंख्या ε है) (च) १. बौक्ष for (विक्ष) ३. व for (च) (ङ) १. वीक्ष्य for (विक्ष) २. दृष्ट्वाऽदित्य for (द्रष्ट्वादित्यं) ४. विषुवच्छाया for (विषुवछाया) ६. (घ) १. मुदयेऽस्ते (ग ) मुदयेस्ते for (मुदयेंदुस्ते) ४. तंत्रज्ञ: for ( तंत्रज्ञ:) ( वि० – इसकी भी लोकसंख्या ६ है) (च) ५. पाताल for (पातल) ६. द्रग्रक्को: for (द्रकुशंकोः ) (ङ) ५. पाताल for (पातल) १. मुदयेऽस्तो for ( मुदयेन्दुस्ते) ६. गशङ्को: for (द्रकुशंको: ) २. ढग्यावालगशंक्वोः (ग) हम्पातालगशंकुको: for (द्रकुपाताल द्रक्शंकोः ) (ग) ३. विजानाति for (विजानाति) ५. पाताल for (पातल) २. हुग्पाताल for (द्रयाताल) २. दृक्पाताल for (कुपाताल) ३. खेविजानाति for (खे विजानाति)
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