सामग्री पर जाएँ

पृष्ठम्:ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त भाग १.pdf/४९९

विकिस्रोतः तः
एतत् पृष्ठम् अपरिष्कृतम् अस्ति

७ ( ११० ) अष्टनमेषगविरदलिप्तो गुः स्वर मिथुने । कटके गुरषोडशं घृतिभिः सिंहेन व त्रिधनः ॥ १ ॥ कन्यायां पंचनखैस्तुलिनि अधिधृतिभिरलिनी सेषुकाले । द्विचतुहं शांति धृतिभि धनुषि शंशाक मनुतत्वः ॥ २ ॥ 3 mmmmmm १. (घ) ५. मोखग (ग) मोषग fox (मेषग) १. लिप्सोनर्गरण (ग) लिप्तोनैर्गुण for (लिप्तोनैगुणैः) २. स्वस्वरैमिथुने (ग ) for (स्वरै मिथुने ) ६. घुतिभि (च) for (धृतिभिः) ७. च (च) for (व) (ग) ३. कर्कटके गुराषोडश for (कर्कटके गुणषोडश) ४. त्रिघनै: for (विधनः) (च) ५. से for (मेष) १. गुणस्वरमिथुने for ( गुराँ: स्वरैमिथुने) ८. षोडश for (षोडशं) ४. त्रिधनैः for (विधन:) (क) १. गुरप for (गुणैः ) ३. कर्कटे for (कर्कटके ) ४. त्रिधनं: for ( त्रिधनः) २. (घ) १. व्यतिधुतिभिरलिनि सषुकालेः (ग) व्यतिधृतिभिरलिनिसेषुकलै : for (अधिवृतिभिरलिनी । सेषुकाले ) ४. घृतिभिर्धनुषि (ग) (च) for (वृतिभिधनुषि ) ३. मनुखतत्त्वं (ग ) मनुनखतत्वैः for (मनुतत्त्व:) (ग) २. द्विचतुर्दशानि for (द्विचतुर्दशाति) (च) १. अतिट तिभि रलिनि (अधिवृतिभिरलिनी) ५. क्रमसंख्या लुप्त (य) १. व्यतिवृतिभि रलितेषुकलै: for (अधितिभिरलिनी सेषुकाले ) २. दशा विश्रुतिः for (हशात्तिधृतिभिः) ३. मनुनखे तत्वें: for (मनुत्तत्त्व:)