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पृष्ठम्:ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त भाग १.pdf/४७७

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(क) ( 55 ) १ उदयास्तमयावदिदोः कलांशैरर्कसंमिते कार्यम् । हीनत्वं त्वधिकत्वंतरे योग काल स्यात् ॥ ६ ॥ उदयास्तविधी विवबुध्य शीघ्रादातफल युतोनशः | अस्मद्गुरू विहीन समग्र मानोत्पत्वात्पश्चादुदयोस्तमयः सितस्य दशभि प्राक् । पश्चान्मानं हत्वा दष्टमयोस्ताभिरुदयः प्राक् ॥ ११ ॥ भागेन ॥ १० ॥ ५ १०. (घ) (च) ११. (घ) श्लोक मूल पाठ में नहीं है । (ग) यहू यह श्लोक उपलब्ध नहीं है। वि० यहाँ यह श्लोक निम्न उपान्त पर अन्यहस्तलेख में दिया गया है-- १. उदयस्तमयवदिदोः for (उदयास्तमयावदिदो :) यह श्लोक मूल पाठ में नहीं है । (ग) (क) वि० यह श्लोक २५७ पृष्ट पर निम्नोपात पर अग्यपस्त से दिया हुआ है ! १. नोज्ञ: for (नज्ञ:) २ विहिनः for (विहीन) ३. ससम for ( समग्र ) इसका संख्याक्रम है है (ग) १. माता for (माना) २. मानमहत्वा (क) (क) for (मानं हत्वा ) ३. दस्तमयो (ग) (क) for (दष्टमयो) ४. ष्टाभि (ग) (क) for (स्ताभि) (ग) ५. दशभिः (क) (च) for (दशभि ) ६. रुदय (क) for ( रुदय: प्राक् ) wwwwww (क) ७. दुदयो for (पश्चादुदयो) ८. स्तमयो for ( स्तमय:) (च) २. मानमहत्त्वादस्तमयो for (मानं हत्वादष्टमयो) ४. ष्टामिरुदय: for (स्ताभिरुदय:) है. क्रमसंख्मा '१' है !