( ख } योनी दोष देखना ४६ भद्रबासभद्रा के साथ योनी वैर प्रह मैत्री देखना ५० ५:; चन्द्रमा देखना ६३ गण द्वचन। ५१ } भद्रा फल, कन्या या पुन्न गए फल देखना ५२ कितने हैं बताना ६४ नाड़ी दूोषनाड़ी चक्र देखना ५३ } } या पुरुष , प्रथम किसकी’ नाड़ी फल, ग्रह गोचर ५४ ॥ मृत्यु होगी, कुन्डली जीवित द्वादश लग्न भाव फल ५५ | की है या मरे की संक्रांति श्रद्द शान्ति' चक्र प्रह्न चाहन भूगयकाल फल देखना ६५ संखला ५e | खंक्रांति आदि मध्य अन्त अहभाग फ़ल नषु 'सक देखना ६० भगनी देखना ६६ भकृहृष्ट व पाये देखना ६१ | संक्रांति मुहूर्ते भेद ६७ लयेपरिक्रम मङ्गली या भद्रा सुख, घुच्छ चक्र संक्रांति सा देखना ६२ । समथ झल देखना ६८ चियह प्रकरण ८७ &० सगई का मुहूर्त देख्ना ६६| मृत्यु पञ्चक द खना २३ जन्मपत्रमिलाना विंचाइसेंकना७% | पञ्चक वजित देखना ८४ ज्येषु विचार देखना ७१ | क्रांति साम्य दोष विवाह नक्षत्र विवाह साख ७२ | धा तिथि देखना ८६ विवाह में तिथि, वार, नक्षत्र लग्न शुद्धि मुहूर्त योग, वर्जित, मासांत देखना७३ | लग्न फल विवाह में लिख २ का बल | शोधूलि देखना चाहिये ७४५ > झन्झुन लग्न सूयं बल गुरुवते देखना ( ७५ | लग्न फल, योग वर्जित ६.१ उच्च का गुरुकन्या की वर्ष कथान लग्न शुद्ध ७६ } विवाह में चिड़ी और लग्नपेत्र सँख्या दु न रजस्वला दोषु दु खमा ' ७७ १ लिखना ३३ पुश दोष देखना ०८ | चान तेल देखन दश दोष के देश युति दोष तेल दोष दूर करना, कर्तरी वेध दोष देखना ७६ दोष होलाष्टक ६ ६ वेध दोष चैत वेध फल ८१ | चन्द्रम देखन्ना, सासू और यासित्र दोष घ फक्त ८२ 1 सुसरे का सुख ४
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