सामग्री पर जाएँ

पृष्ठम्:ज्योतिष सर्व संग्रह.pdf/१६५

विकिस्रोतः तः
एतत् पृष्ठम् अपरिष्कृतम् अस्ति

( १५8 ). प्रक महाघोर युद्ध होय ! किमी राजा का क्षय होय । जो पांच ग्रह चक्री हों तो राजों के राजा की मृत्यु हो । ज्येष्ठ अमावस्या फलम रविवारेण संयुक्त्वा यदा स्यनमघज्येष्ठयोः। अमावस्या तद्र पृथ्वी रुडा मुन्डा च जायते । टीका-माख, ज्येष्ठकी अमावस्या को जो रविवार पड़े तो शश कट २ कर पृथ्वी में पड़े । तेरह तिथि फलम् एकपक्षे यदा यान्ति तिथयश्च त्रयोदश । त्रयस्तत्र क्षयं यान्ति वाजिनो मनुजा गजाः । टीका--जो एक पक्ष में १३ तिथि हों तो मनुष्यों का नाश करे और घोड़ों का नाश करे और हाथियों की क्षय हो त्रयोदश तिथि का पक्ष तीनों योनी को क्रिसिद्ध है । अथ होली धूम्र फल्म पूर्वं वायुह लिकायां प्रजाभूपालयोः सुखम्। पलायनं च दुर्भिक्षी दक्षिणे जयते ध्रुवम् । पश्चिमे तृणसंषचिरुत्तरे धान्प, , संभवः । यदि खे च शिखावृद्धिः राज्ञोदुश”स्य संक्षयः। टीका-जो होली को पूर्व की हवा चले तो राजा प्रजा को ।