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पृष्ठम्:जातकाभरण.pdf/५४

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भाषत ( ; } निस मनुष्यका अन्म गुरुवारको होता है वह मनुष्य विद्वान धनवन श्वपूर्ण शुपहित मनका दरवाट राजा करके कामनाको प्राप्त श्रेष्ठ आचार्य मनुष्यका प्यारा होता है । ५ + अथ भृगुवारजातफलम् । सुनीलसत्कुंचितकेशपाशः प्रसन्नवेषो मतिमान्विशेषात् ॥ जुछांबरः प्रीतिधरो नरः स्यात्सन्मार्गगो भार्गववारजन्मा ॥६॥ जिस मनुष्यके जन्मकालमें भृगुवार होता है वह मनुष्य सुंदर नवर्णके चुंधरावें बाळगुळा असन्नचित्त बुद्धिवान विशेष सफेद वस्त्रोंको धारण करनेवाला श्रेष्ठ मार्गपर . चलनेवाला छता है ॥ ६ ॥ अथ शनिवारजातफलम् । अकालसंप्राप्तजराप्रवृतिर्वलोक्तितो दुर्बलदेहयष्टिः । तमोगुणी क्रौर्यचयाभिभूतः शनेर्दिने जातजनुर्मनुष्यः॥ ७ ॥ मिस मनुष्यके जन्मुकाछमें शनिवार होता है वह मनुष्य विनासमयकं आये बुढापेको आप्त बळहीनं दुर्बळ देहवान् तमोगुणी क्रूरस्वभाववाळा होता है ॥ ७ ॥ अथ नक्षत्रजातफलमाह तत्रादावश्विनीनक्षत्रजातफलम् । सदैव सेवाभ्युदितो विनीतः सत्यान्वितः प्राप्तसमस्तसंपत् ॥ योषाविषात्मजशूरतोंषः स्यादश्विनी जन्मनि मानवस्य ॥ १ ॥ मिस मनुष्यका जन्म अश्विनी नक्षत्रमें होय वह मनुष्य हमेशा सेवा करनेवाळा न्त्रता- सहित सत्ययुक्त सम्पूर्ण प्रकार संपत्तियोंको प्राप्त स्त्री और आभूषण तथा पुत्रादिकों करके बडे संतोषको माप्त होता है ॥ १ ॥ अथ भरणीनक्षत्रजातफलम् । सदापीतिर्हि महापवादैर्नानाविनोदैश्च विनीतकालः । जलातिभीरुश्चपलः खलश्च प्राणी प्रणीतो भरणीभजातः ॥२ निस मनुष्यको जन्मकळमें भरणी नक्षत्र होता है वह मनुष्य हमेशा अपयशको अभी बी निंदा करके युक्त अनेक विनोद करके समयको व्यतीत करनेवाला बाळसे अधिक इरनेवाला चपल और खलस्वभावधान होता है ।। २ ।। अथ कृतिनक्षत्रजातलम् । क्षुधाधिकः सत्यधनैर्विहीनो वृथाटनोत्पन्नमतिः कृतज्ञः । कोग्गार्दितकर्मत्स्याश्चेत्कृत्तिक जन्मानि यस्य जंतो

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