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पृष्ठम्:जातकाभरण.pdf/५३

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( २८) सकार जिषु मनुष्पके जन्मकाळमें अमावास्या तिथि होय वह मनुष्य शांतचित्त पिता माताका भक केशको माप्त धन झरने पूर्ण धनके मात करनेकी छावाला मनुष्योंमें माननीय कति रहित दुर्बळ दैट्स होता है ॥ १६ ॥ अथ वारजतफलमाह तत्रादौ रविवारजातफलम् । शूरोपकेशो विजयी रणाग्रे श्यामारुणः पित्तचयप्रकोपः । दाता महोत्साहयुतो महौजा दिने दिनेशस्य भवेन्मनुष्यः ॥१॥ जो मनुष्य रविवारके दिन पैदा होता है वह मनुष्य शूर वीर थोड़े केशवाळा संग्राममें संघको भाग होता है और श्यामता ळिये छाछवर्णवाळा पिंतके समूहसे कोपित द्नी बड़ख़ उन्थहवाळा व पराक्रमी होता है ॥ १ ॥ अथ समचरज़ातफलम् । प्राज्ञः प्रशांतः प्रियवाग्विधिज्ञः शश्वन्नरेंद्रश्रयवृत्तिवती । सुखं च दुःखे च समस्वभावो वारे नरः शीतकरस्य जातः॥२॥ मिस मनुष्यका जन्म चंदवारक होता है वह मनुष्य चतुर शांतचित्त प्यारी वाणी बोलने वाळा विधियोंका जाननेवाळा निरंतर राजाके आश्रय करके आजीविका करनेवाला मुख और दुःखमें कसा स्वभाववाद होता है ॥ २ ॥ अथ भीमवरजतफलम् । क्रोक्तिरप्यंतरणप्रियः स्यान्नरेंद्रमंत्री च धरोपजीवी ॥ सत्त्वान्वितस्तीव्रतरस्वभावो दिने भवेन्नावनिनंदनस्य ॥ ३ ॥ जिस मनुष्यका जन्म मंगळवारको होता है वह मनुष्प टेद् वाणी बोलनेवाळा संग्राम जित प्यारा रानात वीर पृथिवी करके आनीविका करनेवाला बळघान तीन स्वभाव अअं दंत है । ३ ॥ अथ क्षुधवारव्रतफलम् । सदृपाली मृदुवाग्विलासः श्रीमान्कलाकुशलतासमेतः ॥ वणिक्क्रियायां हि भवेदभिज्ञः प्राज्ञो गुणशेझदिनेद्रो यः॥४॥ हिप मनुष्यके जन्मकाळों बुधवर होता है वह मनुष्य श्रेष्ठ रूपवाळा मीठी वाणी बोलने बला श्रीन कलाओं कुछळ व्यवहारमें निपुण चतुर गुणका जाननेवाळा होता है ॥४॥ में अश्र धुरयारातीफलमाह । झिन्धनी सर्वगुणोपपन्नो मनोरमक्ष्मापतिलब्धकामः ॥ आचार्यवर्यश्व जनप्रियः स्याद्वारे गुरोर्यस्य नरस्य जंभ ॥६॥

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