पृष्ठम्:कादम्बरीकथासारः.pdf/१६८

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मर्गः श्लोकः सर्ग: लोहः ८८. अपावृत । ८७. अपारामृतसिन्धुः, १० २९| १११. अवलोक्यमुखे... ४ ६४ ५ ५३ | ११२. अविसंवादिनी... ८ १६ ८९. अपि नामायं .... ९ ३६ | ११३. अपोढनानाविध. ७२ ४६ ९०. अपुत्राणां .... ५ ११ | ११४. अशोकताडना. ७ ४६ ९१. अपूर्वपुरुषालोक ६ ३७ | ११५. असहायसि .. ९ ४४ ९२. अपूर्वामिव .. ८ २५ | ११६. अस्ताद्रिसानु .... ३ ४७ ९३. अप्रविष्टार्क .. २ ७० | ११७. अति प्रसिद्ध ७ ८० ९१. अप्राप्तकामस्य... ५ ९९ | ११८. अत्यवन्तषु .... ३ ५७ ९५. अभिषेकाङ्गं.. ६ ५ १९. अति विध्याटवी. २ २ ९६. अभूतपूर्व ... १२ ३१ | १२०. अस्ति हंस .... ८ १२ ९७. अभ्यन्तरेष्वभिमतं. १ ६० | १२१. अस्तु कादम्बरी. १० ३२ ९८. अभ्यर्चितां ... ११ ३३ | १२२. अस्फुटालप .... १ ३८ ९९. अमृत वा । .. ७ ६७ | १२३. असंकुमार ... ११ ७१ १००. अमेयकुशलं .. १० ५६ | १२४. अस्मिञ्जगति .. ३ ६ १०१. अम्बा ततः ... ८ ७९ | १२५, अस्मिन्ननुषि .... ३ ४४ १०१. अयमेवंविधां. ७ ७४ | १२६अस्मिन्देशे .. ६ ४६ १०३. अये शुकशिशुः. ३ १६ | १२७. अस्याः कुसुममञ्जर्याः७ ६५ १०४. अरिष्टायास्तु .. ७ ३३ | १२८. अस्याः सर्वान् . . १० ३५ १०५. अर्यम्णि ... ३ ५० | १२९. अहो विधातुः. ७ ६६ १०६. अझ्यन्त .. ९ १०९ | १३०. अहो पदोन ...१० ३३ १०७. अवतंसीकृतां ... ७ ६४ | १३१. अहं च तस्मा. ... ७ ९७ १०८. अदातैर्यदा .. ६ ५४ | १३२. अहं त्वयैव .. ९ ६६ १०९. अवदातं कृतं... १० २८ १३३. अंसविस्रस्त .. ७ ७६ ॥ १०. अकर्षयमदुकम्यं ८ ७३| १३४. असे निधाय .. २ ७३ 9 = a + =